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बॉलीवुड के सितारे न सिर्फ अपनी फिल्मों की वजह से चर्चा में रहते हैं, बल्कि अपने बिजनेस के लिए भी सुर्खियां बटोरते हैं. कई सितारों ने फिल्मों से कमाई करके अलग-अलग कारोबार में पैसा लगाया है. कुछ सितारे तो बीयर के बिजनेस को लेकर भी खबरों में रहते हैं. आज हम आपको एक ऐसे बॉलीवुड एक्टर के बारे में बताएंगे, जिनका बीयर का बड़ा कारोबार है. इतना ही नहीं, उनका बीयर ब्रांड भारत में तीसरा सबसे बड़ा है, जिससे वे हर महीने करोड़ों रुपये कमाते हैं.
हम बात कर रहे हैं मशहूर एक्टर डैनी डेन्जोंगपा की. डैनी बॉलीवुड के पुराने और सम्मानित कलाकारों में से एक हैं. उन्होंने पिछले पांच दशकों में कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया है. डैनी का बीयर ब्रांड 'युकसोम ब्रुअरीज' के नाम से जाना जाता है. उन्होंने इसकी शुरुआत 1987 में दक्षिण सिक्किम में की थी. इसके बाद 2005 में उन्होंने ओडिशा में 'डेन्जोंग ब्रुअरीज' शुरू किया और फिर 2009 में असम में 'राइनो एजेंसी' को अपने नाम कर लिया.
इन तीनों कंपनियों की कुल उत्पादन क्षमता हर साल 6.8 लाख हेक्टोलीटर है. इसी वजह से युकसोम भारत का तीसरा सबसे बड़ा बीयर ब्रांड बन गया है. खबरों के मुताबिक, यह ब्रांड पूर्वोत्तर भारत की अर्थव्यवस्था में हर साल 100 करोड़ रुपये का योगदान देता है और 250 लोगों को नौकरी भी देता है. बीयर के बिजनेस में डैनी ने बड़े बिजनेसमैन विजय माल्या को भी पीछे छोड़ दिया है. अगर उनके फिल्मी करियर की बात करें, तो डैनी आखिरी बार फिल्म 'ऊंचाई' में नजर आए थे. इस फिल्म में उनका छोटा सा रोल था, जिसमें अमिताभ बच्चन, अनुपम खेर और बोमन ईरानी लीड रोल में थे.
सुपरस्टार मनोज कुमार, जो किसी पहचान के मोहताज नहीं है. उनकी देशभक्ति की फिल्मों ने ऐसी जगह फैंस के बीच बनाई कि वह भारत कुमार के नाम से मशहूर हो गए. मनोज कुमार का असली नाम हरिकृष्ण गिरी गोस्वामी था. लेकिन शबनम (1949) फिल्म में दिलीप कुमार इनको इतने पसंद आए की उनसे प्रेरणा लेकर उन्होंने अपना स्क्रीन नाम मनोज कुमार रख लिया. फिर क्या उन्होंने ठान ली की अब जिंदगी में दिलीप कुमार जितना नाम नहीं कमाया तो क्या किया. कुछ साल बाद अपने आप को मनोज कुमार कहने वाले ये एक्टर 60s में इतना फेमस हो गए, जिसके बाद इन्हें लोगों से एक नया नाम मिला और बने बॉलीवुड के भारत कुमार.
भारत कुमार न सिर्फ बेहतरीन एक्टर बल्कि उम्दा राइटर और डायरेक्टर भी थे. उन्होंने बॉलीवुड को उपकार(1967), रोटी कपडा और मकान(1974), शहीद(1965), पूरब और पश्चिम(1970), वह कौन थी(1964), शोर(1972), गुमनाम(1965), क्रांति(1981), पत्थर के सनम(1967), मेरा नाम जोकर(1970) जैसी कई हिट फिल्मों में काम किया था. और क्या आप जानते हैं मनोज कुमार ने अपने आइकोनिक डायलॉग्स से इंडस्ट्री में एक अलग पहचान बनाई थी. उनके कुछ ऐसे एवरग्रीन डॉयलाग हैं जो आप आज भी कहीं न कहीं सुने होंगे, जैसे "इंसान इस दुनिया में चार दिन की जिंदगी गुजारने आता है... लेकिन चालीस दिन का गम उसे घेरे रखता है".
स्टारडम के दौर में जब सब अच्छा चल रहा था तो किस्मत ने उनके साथ कुछ ऐसा खेल खेला कि वह डिप्रेशन की ओर बढ़ गए. साल था 1983 जब मनोज कुमार के पिता एच.एल. गोस्वामी व्रजेश्वरी मंदिर जा रहे थे, तभी भयंदर क्रीक के पास उन्होंने अपनी गाड़ी रुकवाई और नदी में फूल डालकर अर्चना के लिए जैसे ही वो पुराने ब्रिज पर चलने लगे तभी उनका पैर फिसला और वह नदी में जा गिरे. नदी का बहता पानी उन्हें भी अपने साथ बहा ले गया. हालांकि कई दिनों तक ढूंढ़ने के बाद मनोज कुमार के पिता का शव मिल गया. लेकिन पिता की अचानक मृत्यु ने बेटे को झकझोर दिया था. इसकी वजह से मनोज कुमार डिप्रेशन में चले गए थे और उन्होंने शराब का सहारा लिया. इसके कारण उनका वजन भी बढ़ गया. जबकि उन्होंने घर से निकलना बंद कर दिया.
इसके बाद 1983 के 4 साल बाद मनोज कुमार 1987 में कलयुग और रामायण में नजर आए. वहीं 1989 में संतोष और क्लर्क में उन्होंने अहम भूमिका निभाई. जबकि 1991 में देशवासी और आखिरी फिल्म 1995 में आई मैदान ए जंग में वह सिल्वर स्क्रीन पर नजर आए.
मुमताज का स्टारडम कुछ ऐसा था कि उस दौर के सुपरस्टार्स उनके साथ काम करने के लिए हमेशा तैयार रहते थे. वह उस दौर में वह 2 से ढाई लाख रुपए लेती थी. लीड रोल में वह राजेश खन्ना के साथ फिल्म दो रास्ते में नजर आईं. यह फिल्म 1969 में रिलीज हुई थी. इस फिल्म में उनकी भूमिका छोटी थी, लेकिन उन पर फिल्माए गए गाने बेहद पसंद किए गए. राज खोसला की इस ब्लॉकबस्टर फिल्म से वह स्टार बन गईं. उस साल राजेश खन्ना के साथ उनकी फिल्में दो रास्ते और बंधन सर्वाधिक कमाई करने वाली फिल्म बनी.मुमताज ने ‘दो रास्ते', ‘आप की कसम', ‘प्रेम कहानी', ‘दुश्मन', ‘रोटी', ‘फौलाद', ‘आंधी और तूफान', ‘टार्जन एंड किंगकॉन्ग', ‘बॉक्सर', ‘जवान मर्द' जैसी करीब 100 से अधिक फिल्मों में काम किया और इनमें से अधिकतर सफल रहीं.
राजेश खन्ना के साथ वह कुल 10 फिल्मों में नजर आईं. दोनों की जोड़ी को दर्शक बेहद पसंद करते थे. इसके अलावा, मुमताज ने उस दौर के कई बड़े सुपरस्टार्स के साथ कई हिट फिल्में दी. फिरोज खान के साथ भी वह कई फिल्मों में नजर आईं. फिल्मों में काम करने के दौरान दोनों करीब आए और कहा जाता है कि फिरोज खान मुमताज से शादी भी करना चाहते थे. सायरा बानो ने एक बार जिक्र किया था कि दोनों एक फिल्म की शूटिंग के दौरान हंसी मजाक करते थे और अक्सर साथ में समय बिताते थे.
हालांकि मुमताज ने वर्ष 1974 में कारोबारी मयूर माधवानी से शादी कर ली. उन्होंने सिनेमा इंडस्ट्री को अलविदा कह दिया और लंदन चली गईं. इस शादी से उनकी दो बेटियां नताशा और तान्या हुईं. उनकी एक बेटी नताशा की शादी एक्टर फिरोज खान के बेटे फरदीन खान से हुई है. फरदीन खान जाने माने एक्टर हैं. 90 के दशक में वह कई फिल्मों में नजर आए. उनके गुड लुक्स और एक्टिंग की तारीफ भी हुई, लेकिन वह कभी बतौर लीड एक्टर फिल्मों में खुद को स्थापित नहीं कर पाए.
कौन है मुमताज का एक्टर का दामाद
फरदीन हिंदी अभिनेता और फिल्ममेकर रहे फिरोज खान (Firoz Khan) के बेटे हैं.1998 में आई प्रेम अगन से उन्होंने डेब्यू किया था. वह बतौर हीरो 3 हिट फिल्में दे पाए. वह नो एंट्री, हे बेबी, ऑल द बेस्ट जैसी फिल्मों में नजर आए थे. इनके अलावा वह जंगल, प्यार तूने क्या किया, जानसीन, फिदा, जय वीरू और खेल खेल में जैसी फिल्मों में दिखे.
‘द लीजेंड ऑफ हनुमान' सीजन 6 का इंतजार अब खत्म हुआ. बहुप्रतीक्षित ट्रेलर अब लाइव है. इस हनुमान जयंती पर, रामायण का एक ऐसा क्षण फिर से जीवंत होने जा रहा है, जिसे देखकर हर हृदय भावविभोर हो उठेगा. भक्ति और कर्तव्य से प्रेरित, पवनपुत्र हनुमान अपने सबसे बड़े मिशन पर निकलते हैं. वे विशाल पर्वतों, जंगलों और उफनते समुद्रों को पार करते हुए समय रहते संजीवनी बूटी लाने की चुनौती स्वीकार करते हैं, क्योंकि हर पल अनमोल है. शानदार एनीमेशन, सांस रोक देने वाला एक्शन और दिल को छू लेने वाले भावनात्मक क्षणों के साथ, सीजन 6 एक अविस्मरणीय अनुभव का वादा करता है.
हनुमान की गाथा में रावण को आवाज देने वाले शरद केलकर कहते हैं, "हर बार जब मैं इस सीजन का ट्रेलर देखता हूं, मेरे रोंगटे खड़े हो जाते हैं. यह ना सिर्फ पहले से अधिक भव्य और भावनात्मक रूप से गहरा है, बल्कि इसकी कहानी और भी रोमांचक और प्रेरक है. ऐसा लगता है मानो इतिहास का कोई स्वर्णिम अध्याय सजीव होकर हमारी आंखों के सामने उतर आया हो. हम सभी जानते हैं कि भगवान हनुमान ने संजीवनी बूटी लेकर लक्ष्मण की रक्षा की थी, लेकिन इस बार हम उस पूरे आध्यात्मिक और साहसिक सफर को महसूस करेंगे".
उन्होंने आगे कहा, "दर्शक हर भावना, हर संघर्ष को इस तरह जिएंगे, मानो वे खुद उस यात्रा का हिस्सा हों. जियोहॉटस्टार के माध्यम से यह गाथा लाखों लोगों तक पहुंच रही है, यही इसकी सबसे बड़ी सुंदरता है. यह सिर्फ एक पौराणिक कथा नहीं, बल्कि एक ऐसी जीवंत विरासत है जो हर पीढ़ी से गहरा संबंध बनाती है. जबरदस्त एक्शन हो, भावनात्मक गहराई हो या जीवन मूल्यों की सीख, यह शो हर एपिसोड के बाद दर्शकों के दिलों में बस जाता है".
सनी देओल ने अपनी आने वाली एक्शन फिल्म जाट (Jaat) के लिए कमर कस ली है, जो कि 10 अप्रैल को सिनेमा घर में रिलीज होने जा रही है. 90 के दशक के दमदार सुपरस्टार रहे सनी देओल ने अपने करियर में घायल (1990), सलाखें (1998), डर (1993) और बॉर्डर (1997) जैसी सुपरहिट फिल्में दे चुके हैं .एक लंबे अरसे से फ्लॉप फिल्मों के चलते सनी देओल एक बुरे दौर से गुज़र रहे थे. जिसके बाद 2023 की उनकी ब्लाक्बस्टर फिल्म गदर 2 ने इस फ्लॉप फिल्मों की लिस्ट पर फुल स्टॉप लगाया. आपको बता दें कि इस फिल्म ने 82 करोड़ के बजट पर 620.05 करोड़ की बंपर कमाई की थी.
'हमसे सीख कर हमें ही पछाड़ा'
हाल ही में मशहूर फिल्म क्रिटिक कोमल नहाटा को सनी देओल ने एक इंटरव्यू दिया. इंटरव्यू के दौरान सनी ने अपनी आने वाली फिल्मों की रिलीज के बारे में बात की. उन्होंने बॉलीवुड की वर्तमान स्थिति के बारे में भी चर्चा की, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि साउथ फिल्म्स इंडस्ट्री ने हमारी ही फिल्मों से सीखा और अब उन्होंने ही हमें पीछे छोड़ दिया है.
नहीं दिखता पहले की तरह पैशन
सनी ने बॉलीवुड की आलोचना करते हुए आगे कहा, "जिस प्रकार का पैशन हमारी फिल्मों में पहले हुआ करता था, वो अब खोता जा रहा है, जिसकी वजह से हम आज उनकी फिल्मों का रीमेक करते जा रहे हैं". सनी देओल ने यह भी कहा कि आज के समय में उन्हें एक्टर्स, डायरेक्टर्स और निर्माताओं में पहले वाला पैशन नहीं दिखता, जिसकी कमी के चलते बॉलीवुड की फिल्मों का स्तर गिरता जा रहा है और हिट फिल्मों की संख्या भी लगातार कम होती जा रही है.
रश्मिका मंदाना अपनी अदाओं से साउथ इंडियन मूवीज में जादू चलाने के बाद अब बॉलीवुड पर भी छा चुकी हैं. एनिमल और उसके बाद सिकंदर के जरिए रश्मिका मंदाना ने हिंदी भाषी दर्शकों को भी अपना दीवाना बना लिया है. करियर के मामले में देखा जाए तो रश्मिका मंदाना अब तक के सबसे बेहतरीन दौर से गुजर रही हैं. जो साउथ के स्टार्स के काम करने के बाद बॉलीवुड के भी बड़े बड़े सितारों की फेवरेट एक्ट्रेस बन चुकी हैं. अपनी कामयाबी के साथ रश्मिका मंदाना साउथ इंडियन सिनेमा की हाइएस्ट पेड एक्ट्रेस बन चुकी हैं. जो किसी रानी की तरह जिंदगी जीती हैं. चलिए जानते हैं उनकी नेटवर्थ और उनकी लग्जरी लाइफ के बारे में.
इतनी प्रॉपर्टी की हैं मालकिन
रश्मिका मंदाना तेलुगू और कन्नड़ फिल्मों में काफी काम करती हैं. जिसकी वजह से वो बेंगलुरू में ज्यादा वक्त बिताती हैं. इस शहर में उनका आलीशान बंगला है. जिसकी कीमत करीब 8 करोड़ रु. है. इस बंगले में बेहतरीन वुडन फिनिशिंग करवाई गई है. साथ ही बड़ा सा गार्डन भी है. बेंगलुरु की इस बेशकीमती प्रॉपर्टी के अलावा रश्मिका मंदाना की कुर्ग, हैदराबाद में भी प्रॉपर्टी है. साथ ही गोआ में भी उनका एक बंगला बताया जाता है. जब से रश्मिका मंदाना को हिंदी फिल्मों में काम मिलना शुरू हुआ है, तब से वो मुंबई में भी काफी समय रहती हैं. इसलिए मुंबई में भी उन्होंने एक घर खरीद लिया है.
लग्जरी कारों का कलेक्शन
रश्मिका मंदाना कारों की भी काफी शौकीन हैं. उनके कारकेड में कई लग्जरी कार्स शामिल हैं. जिसमें से एक है रेंज रोवर स्पोर्ट्स इस लग्जरी एसयूवी की कीमत इंडिया में 1 करोड़ 84 लाख रु है. इसके अलावा रश्मिका मंदाना के पास एक ऑडी क्यू 3 भी है. जो करीब 40 लाख रु. की कीमत की है. पचास लाख रु. की मर्सिडीज बेंज भी उनके काफिले का हिस्सा हैं. बता दें कि रश्मिका मंदाना एक फिल्म की फीस 4 से आठ करोड़ रु के बीच लेती हैं. उनकी नेटवर्थ 66 करोड़ रु. बताई जाती है.
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