+10 344 123 64 77

Friday, July 9, 2021

समीक्षा:कहानियां भी बार-बार अनुभवों के मेलों में ले जाती हैं, कुछ ऐसी ही कहानियां हैं इस पुस्तक में...

कुछ किस्से यूं कहे जाते हैं कि आपबीती से लगने लगते हैं। तब इन्हें पढ़ना कोई काम नहीं बल्कि आईना देखना प्रतीत होता है।

from
via IFTTT

0 comments:

Post a Comment