हर साल की तरह इस साल भी गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की मूर्तियों को ईको फ्रेंडली बनाने के नए-नए रास्ते खोजे जा रहे हैं। इसी कड़ी में गुजरात के सूरत की डॉ. अदिति मित्तल सूखे मेवों से गणेश प्रतिमा बनाने के लिए चर्चा में हैं।
उन्होंने श्री गणेश की मूर्तियों को सिर्फ सूखे मेवों से बनाया है। गणेश समारोह के बाद इस मूर्ति को बनाने में उपयोग किए जाने वाले ड्राई फ्रूट्स को COVID-19 पेशेंट्स में बांटा जाएगा।
अदिति ने इन मूर्तियों को अखरोट, काजू, बादाम जैसे सूखे मेवों से बनाया है। इन मूर्तियों की ऊंचाई 20 इंच है। उन्होंने भगवान गणेश का पेट अखरोट से तो आंखों को काजू से बनाया गया है। इसी तरह उनके कान मूंगफली से बने हैं।
अदिति ने अपने ट्विटर पर गणेश जी की मूर्तियों को शेयर किया है। उन्होंने साथ में ये भी लिखा कि इन मूर्तियों को गणेश चतुर्थी के दौरान सूरत के कोविड अस्पताल 'अटल संवेदना' में रखा गया है। इन्हें 511 ड्राई फ्रूट्स का इस्तेमाल करके बनाया गया है।
गणेश चतुर्थी के बाद विध्नहर्ता के खुशहाल और सेहतमंद जिंदगी के आशीर्वाद के रूप में इसे वितरित कर दिया जाएगा। ये सूखे मेवे मरीजों की इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करेंगे।
सोशल मीडिया पर अदिति के काम की तारीफ हो रही है। लोग ये देखकर भी हैरान हैं कि अदिति ने इन ड्राई फ्रूट्स को आपस में चिपकाया किस तरह होगा। उन्होंने इस काम को पूरा करने में बहुत मेहनत की है।
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