+10 344 123 64 77

Monday, June 1, 2020

कोरोनावायरस (Coronavirus) का कहर देश में लगातार बढ़ता जा रहा है. कोरोना (Corona) के अब तक...

from NDTV Khabar - Filmy https://ift.tt/36TDm4h
via IFTTT

6 साल की उम्र में सिक्स पैक एब बनाने वाले आरतहोसैनी की खूबियां हैं। ये इंस्टाग्राम स्टार और सॉकर प्लेयर होने के साथ जिम्नास्ट भी हैं। इन्हें अक्सर लोग लड़कीसमझ बैठते हैं। ईरान के बाबोल शहर में रहने वाले आरतअपने सिक्स पैक एब और सॉकर के कारण सोशल मीडिया स्टार बन चुके हैं। जानिए छोटी सी उम्र इतना नाम कमाने वाले लिटिल चैम्पियन की कहानी...

सॉकर प्लेयर को बॉडी ने बनाया स्टार : आरत के पिता मोहम्मद ने इनकी ट्रेनिंग काफी कम उम्र में ही शुरू कर की थी। आरत ने 9 माह की उम्र से जिम्नास्टिक करना शुरू किया और दो साल की उम्र पूरी होने तक अंतरराष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियां बन चुका था। आरत को सॉकर खेलना काफी पसंद है लेकिन वे चर्चा में अपनी बॉडी के कारण आए।
सोशल मीडिया स्टार :आरत का जन्म इंग्लैंड के लिवरपूल में हुआ था, अब वह लिवरपूल एकेडमी में स्पोर्ट्स ट्रेनिंग ले रहे हैं। सोशल मीडिया पर अरत की फैन फॉलोइंग काफी बड़ी है। सिर्फ इंस्टाग्राम पर इनके 4 मिलियन फॉलोवर हैं। इनकी लगभग हर एक पोस्ट पर मिलियन लाइक हैं।

इंस्टाग्राम पर डेब्यू:आरत के पिता का कहना है कि बेटे में अनोखे टैलेंट को देखने के बाद आसपास के लोगों ने सलाह दी कि इंस्टाग्राम पर उसका एक पेज बनाना चाहिए। पेज बनने के बाद तेजी से लोगों ने उसे पसंद किया और लाखों फॉलोवर जुड़ गए।

आरोपों का सामना किया :अरत के पिता पर कई बार यह आरोप भी लगे कि वह अपने बेटे से पैसे कमाने के लिए ऐसा करा रहे हैं। जिसका उन्होंने जवाब दिया, उनका कहना है कि बेटा हमेशा से एथलेटिक्स एक्टिविटीज में एक्टिव रहा है। मैंने सिर्फ एक पिता के तौर पर उसकी उन चीजों में मदद की है जो वह करना चाहता है।

लिओनल मेसी के फैन :आरत दीवार पर चढ़ने की कला में भी माहिर हैं। अब उनका सपना है कि बड़े होकर बार्सिलोना सॉकर क्लब के लिए खेलें। उनके पसंदीदा खिलाड़ियों में लिओनल मेसी शामिल हैं, और आरत मेसी की तरह की खेलना चाहते हैं। फोटो साभार: इंस्टाग्राम



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
6-Year-Old Instagram Sensation Stuns Internet With His Chiseled Physique


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3doHewX
via IFTTT

कोरोना के मरीजों में कई महीनों तक अधिक थकान और सांस लेने की तकलीफ रह सकती है। यह अलर्ट ब्रिटेन की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य एजेंसी नेशनल हेल्थ सर्विस (एनएचएस) ने कोरोना मरीजों के लिए जारी किया है।

एनएचएस के वैज्ञानिकों का कहना है कि कोरोनावायरस का असर शरीर पर लम्बे समय तक रह सकता है। कोरोना से उबरने के बाद शरीर पर इसका बुरा असर कब तक रहेगा, फिलहाल इस पर रिसर्च की जा रही है।

सामान्य जीवन में नहीं लौट सकेंगे
मई में एनएचएस के वैज्ञानिकों ने कोरोना के गंभीर लक्षणों पर चर्चा की थी जिसमें स्ट्रोक, किडनी डिसीज और अंगों की घटती कार्यक्षमता पर बैठक चली थी।

बैठक में एनएचएस के वैज्ञानिकों का कहना था कि कोरोना के उबरने वाले ऐसे मरीजों की संख्या अधिक होगी जो वापस सामान्य जीवन में नहीं लौट सकेंगे।

यह मॉडल पूरे देश में लागू होगा
खासतौर पर कोरोना पीड़ितों के लिए बनाए गए एनएचएस हॉस्पिटल में पिछले सप्ताह, ऐसे मरीज रिकवर हुए जो इलाज के बाद लम्बे समय से कोरोना के असर से जूझ रहे थे।

एजेंसी का कहना है, यही मॉडल देश में अब कोरोना से उबरने वाले मरीजों के लिए अपनाया जाएगा ताकि उनकी मेंटल डिसऑर्डर, सांस लेने में तकलीफ और हृदय रोगों के कॉम्पिकेशन से लड़ने में मदद की जा सके

पिछले हफ्ते भी दी थी चेतावनी
एनएचएस ने पिछले हफ्ते एक अलर्ट जारी करते हुए कहा था कि जिन लोगों के शरीर में किसी तरह का डैमेज हुआ है उन्हें रिकवर करने में हम मदद करेंगे।

एनएचएस के चीफ एग्जीक्यूटिव सिमोन स्टीवेंस का कहना है, हमारा देश महामारी की चरम स्थिति से गुजर रहा है, अब हमें इससे उबरने के बाद दिखने वाले परिणामों से बचाव के तरीकों पर काम करने की जरूरत है।

कोरोना को हराने के बाद ऐसे ट्रीटमेंट की जरूरत पड़ेगी
सिमोन स्टीवेंस के मुताबिक, कोरोना से उबरने वाले मरीजों को ट्रैकियोस्टॉमी वाउंड, हृदय और फेफड़ों के डैमेज रिपेयर करने वाली थैरेपी, मसल और सायकोलॉजिकल ट्रीटमेंट की जरूरत पड़ सकती है।

वहीं, कुछ ऐसे मरीज भी हो सकते हैं जिन्हें सोशल सपोर्ट की जरूरत होगी। इसके लिए हमें तैयार रहने की जरूरत है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Coronavirus patients can suffer 'extreme tiredness and shortness of breath for months'


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/36XIODp
via IFTTT
फिल्म निर्माता और पूर्व राज्यसभा सदस्य प्रीतिश नंदी (Pritish Nandy) सोशल मीडिया पर...

from NDTV Khabar - Filmy https://ift.tt/2MhqLyr
via IFTTT

कैंसर के मरीज और इसकी पुरानी हिस्ट्री वाले पीड़ितों में कोविड-19 का संक्रमण होने पर मौत का खतरा 28 फीसदी तक है। अमेरिका, ब्रिटेन, स्पेन और कनाडा की रिपोर्ट में ऐसे ही मामले सामने आए हैं। इंग्लैंड में अलग-अलग कैंसर के ऐसे 800 मरीजों पर रिसर्च की गई जो कोरोना से जूझ रहे थे। इनमें मौत की दर 28 फीसदी तक देखी गई है। इनमें ऐसे बुजुर्ग मरीज थे जो हाई ब्लड प्रेशर और दूसरी समस्याओं से परेशान थे उनमें खतरा और भी ज्यादा देखा था।

दूसरी रिसर्च में भी ऐसे मामले सामने आए
लैंसेट जर्नल में प्रकाशित एक अन्य शोध के मुताबिक, 928 कैंसर के मरीजों में कोविड-19 का संक्रमण होने पर उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती किया गया। इनमें से 13 फीसदी मरीजों की मौत हो गई। यह आंकड़ा कोरोना से हो रही सामान्य लोगों की मौत की दर से ज्यादा है।

ऐसे मरीजों को अधिक देखभाल की जरूरत
अमेरिका की वैंडरबिल्ट यूनिवर्सिटी की डाटा साइंटिस्ट डॉ. जेरेम वार्नर का कहना है, रिसर्च के नतीजे बताते हैं कि कई अस्पतालों ने कैंसर के मरीजों में जरूरी सावधानी बरतने में या तो देरी की या देखभाल में बदलाव किया है। ऐसे मरीज जिनका पहले कैंसर ट्रीटमेंट हो चुका है उन्हें कोरोना के इस समय में अधिक देखभाल की जरूरत है।

ऐसे मरीजों को घर पर ही रहने की सलाह

साराह कैनन रिसर्च इंस्टीट्यूट के हेड डॉ. हॉवर्ड बुरिस के मुताबिक, हम कोशिश कर रहे हैं कि महामारी के बीच कैंसर के मरीजों को हॉस्पिटल तक न पहुंचना पड़े। खासतौर पर ऐसे मरीज जो पहले ही फेफड़ों की समस्या से जूझ रहे हैं। ऐसे सभी मरीजों कोघर पर ही रहकर अधिक देखभाल रखने की सलाह दी जा रही है।

कैंसर के 50 फीसदी मरीज कोरोना से परेशान

डॉ. हॉवर्ड बुरिस के मुताबिक, हमारी रिसर्च में शामिल कैंसर का इलाज करा रहे 50 फीसदी मरीजों में कोरोना की पुष्टि हुई है। अन्य 50 फीसदी का या तो ट्रीटमेंट पूरा नहीं हुआ है या शुरू ही नहीं हुआ है। ऐसे मरीज जिनकी कैंसर की हिस्ट्री रही है, उनकी खास देखभाल की जा रही है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Coronavirus Cancer Research Latest Updates; Cancer Patients With Corona May Face Risk Of Death


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3gE5exT
via IFTTT
घर पर बनाएं आसान विधि से खट्टा-मीठा चिकन, ये रही बनाने की रेसिपी।

from Latest And Breaking Hindi News Headlines, News In Hindi | अमर उजाला हिंदी न्यूज़ | - Amar Ujala https://ift.tt/2ZTXySb
via IFTTT
कोरोना वायरस से बचाव के लिए सभी लोग पूरी तरह से सुरक्षा बरतने का प्रयास कर रहे हैं। लॉकडाउन अनलॉक होने के बाद धीरे-धीरे मार्केट भी खोले जा रहे हैं। धीरे-धीरे हर व्यवस्था पटरी पर आने लगी है।

from Latest And Breaking Hindi News Headlines, News In Hindi | अमर उजाला हिंदी न्यूज़ | - Amar Ujala https://ift.tt/2XLsl13
via IFTTT