+10 344 123 64 77

Friday, March 27, 2020

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर (Prakash Javdekar) ने लोगों की मांग को देखते हुए डीडी...

from NDTV Khabar - Filmy https://ift.tt/2xz1g7y
via IFTTT
ई-सिगरेट पीने वालों को भी कैंसर हो सकता है। वैज्ञानिकों ने हाल ही में एक शोध में पाया है कि ई-सिगरेट पीने वालों को मूत्राशय का कैंसर हो सकता है।

from Latest And Breaking Hindi News Headlines, News In Hindi | अमर उजाला हिंदी न्यूज़ | - Amar Ujala https://ift.tt/3aqDcT8
via IFTTT
कोरोनावायरस (Coronavirus) के कारण जहां पूरा देश लॉकडाउन (Lockdown) है. वहीं, बड़े शहरों में...

from NDTV Khabar - Filmy https://ift.tt/2WVrwnD
via IFTTT
कोरोनावायरस (Coronavirus) के संकट से जहां लगातार भारत जूझ रहा है, वहीं, बॉलीवुड...

from NDTV Khabar - Filmy https://ift.tt/2wwT9bP
via IFTTT
भारत सहित दुनियाभर में कोरोनावायरस (Coronavirus) ने दहशत फैला दी है. इस माहामारी से...

from NDTV Khabar - Filmy https://ift.tt/39pF2lU
via IFTTT
नोरा फतेही (Nora Fatehi) ने फिर से एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वो एक बच्ची को...

from NDTV Khabar - Filmy https://ift.tt/2WT8COd
via IFTTT

हेल्थ डेस्क. इटली से भारत आए 14 में से 13 पर्यटकों को ठीक कर लिया गया है। अब उनकी हालिया जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। सभी पर्यटक गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल में 4 मार्च को भर्ती किए गए थे। सोमवार को 14 में से 11 को डिस्चार्ज कर दिया गया है। दो को अभी भी डॉक्टरों की तरफ से क्लीनचिट मिलनी बाकी और एक अन्य पर्यटक की हालत नाजुक है। उसकी उम्र 70 साल है। द प्रिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, मेदांता ने इन पर्यटकों को ठीक करने के लिए पैरासिटामॉल, क्लोक्वीन और गूगल ट्रांसलेटर का इस्तेमाल किया है।

कब-कब क्या हुआ

मार्च के पहले हफ्ते में कार्डियोलॉजिस्ट डॉ नरेश त्रेहान ने आपातकालीन बैठक की। क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डॉ यतिन मेहता और संक्रमण रोगों की विशेषज्ञ डॉ सुशीला कटारिया को इटली से भारत आए पर्यटकों का इलाज करने को कहा गया। डॉ कटारिया और डॉ मेहता ने इलाज की योजना बनाई। योजना में यह बात भी शामिल थी कि उनसे कैसे बात करनी है क्योंकि पर्यटकों की भाषा अलग थी।

पर्यटक अंग्रेजी भाषा नहीं जानते थे

पर्यटकों को पहले हॉस्पिटल के क्वारेंटाइन फ्लोर पर लाया गया और दूसरे स्टाफ से कोई कनेक्शन नहीं रखा गया। डॉक्टरों की एक टीम ने इलाज शुरू किया। इस बीच डब्ल्यूएचओ ने काेविड-19 को महामारी घोषित किया। इसमें ऐसे मरीज थे जिनकी उम्र 65 साल से अधिक थी और अंग्रेजी नहीं जानते थे। इसके लिए गूगल ट्रांसलेटर और वॉटसऐप का सहारा लिया गया।

एंटी वायरल और एंटीबायोटिक से हुआ इलाज

डॉ कटारिया के मुताबिक, पहले सप्ताह में 50 फीसदी पर्यटकों में लक्षण नहीं दिखाई दे रहे थे। धीरे-धीरे लक्षण दिखने शुरू हुए। 14 में से 8 को पैरासिटामॉल, कफ सिरप और विटामिन टेबलेट दी गईं। तीन की हालत बिगड़ रही थी और 3 अन्य तीन गंभीर स्थिति में जा चुके थे। जिन 3 की हालत बिगड़ रही थी उन्हें एंटी वायरलड्रग लोपिनविर, एंटीबायोटिक एरिथ्रोमायसिन और एंटी-मलेरियल ड्रग क्लोरोक्वीन दी गईं। 3 अधिक मरीज को एक्टेमेरा ड्रग दी गई।

आर्थराइटिस के मरीजों की दवा भी इस्तेमाल हुई

एक्टेमेरा ड्रग रुमेटॉयड आर्थराइटिस के मरीजों को दी जाती है। यह जोड़ों में सूजन को दूर करने का काम करती है। चीन में एक रिसर्च के दौरान कोरोना के 95 फीसदी अति गंभीर मरीजों को इस दवा ठीक किया गया है। पर्यटकों का इलाज शुरू करने से पहले उनकी फैमिली से अनुमति ली गई और इटेलियन एम्बेसी को इलाज से जुड़ी हर अपडेट समय-समय पर भेजी गईं।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Gurugram Coronavirus News; Gurugram Coronavirus Medanta Super Speciality Hospital Updates On Italian Tourists; All you Need To Know


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3bswgVG
via IFTTT