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Sunday, December 1, 2019

हेल्थ डेस्क. प्रदूषण मौत के आंकड़े बढ़ा रहा है। दुनियाभर में हर साल 70 लाख लोगों की मौत वायु प्रदूषण से हो रही है। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट कहती है, इन आंकड़ों में 6 लाख बच्चे भी शामिल हैं। हवा, पानी, फल और सब्जियों में जहर घुल रहा है। लेकिन घर में छोटी-छोटी सावधानी बरतकर इसके असर और मौत के आंकड़ों को कम किया जा सकता है। हर साल 2 दिसंबर को वर्ल्ड पॉल्यूशन डे भोपाल गैस त्रासदी में जान गंवाने वाले लोगों की याद में मनाया जाता है। इस मौके पर जानिए हवा में घुलते जहर के असर को कैसे कम करें...

कैसे इंसानों तक पहुंच रहा 'जहर'
हवा को प्रदूषित करने की बड़ी वजह है फैक्ट्री और कारखानों से निकलने वाला धुआं, एसपीएम यानी सस्पेंडेड पार्टिक्युलेट मैटर, सीसा और नाइट्रोजन ऑक्साइड आदि। जगह-जगह फेंके और जलाए जा रहे कूड़े से निकल रही गैसें हवा में मिलकर इसे जहरीला बना रही हैं। फैक्ट्रियों और कारखानों से निकला कचरा नदियों में जा रहा है जो डायरिया, टाइफॉयड और हैजा जैसी बीमारियों को फैला रहा है। प्रदूषण की हुए कई शोध बताते हैं यह न सिर्फ जान ले रहा है बल्कि बच्चों के दिमाग पर बुरा असर छोड़ रहा है, गर्भ में पल रहा भ्रूण भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। यह मिस्कैरेज का खतरा बढ़ाता है।



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7 million deaths due to pollution in the world every year, including 6 lakh children in it, reduce the death toll by small measures


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अहमदाबाद (अनिरुद्ध सिंह परमार).देश में संयुक्त परिवार टूट रहे हैं और उसकी मुख्य वजह बहुएं हैं, ऐसी मान्यता पूरी तरह गलत है। आईआईटी गांधीनगर ने अहमदाबाद के 453 संयुक्त परिवारों पर किए गए सर्वे के बाद यह निष्कर्ष निकाला है। सर्वे में 75% बहुओं ने माना कि संयुक्त परिवार में झगड़े होते हैं, लेकिन इस कारण परिवार के सदस्यों का आपसी प्रेम कम नहीं होता। शोधकर्ता और आईआईटी गांधीनगर की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. तनिष्ठा सामंत ने कहा कि देश में वृद्धाश्रम की बढ़ती संख्या के कारण सर्वेक्षण की यह थीम चुनी गई। इसके लिए इंडियन काउंसिल ऑफ सोशल रिसर्च का भी सहयोग लिया गया। देश में इसके पहले बहुओं की भूमिका पर कोई आधिकारिक सर्वे नहीं हुआ है। इसमें 50% लोगों ने यह भी माना कि परिवार तो संयुक्त ही होना चाहिए।

50% लोगों ने माना- परिवार संयुक्त ही होना चाहिए

डॉ. सामंत ने कहा कि देश में 86% परिवार संयुक्त रूप से रहते हैं। इसके बावजूद वृद्धाश्रमों का प्रमाण अधिक है। मौजूदा समय के बच्चे भी मानते हैं कि आर्थिक संकट के समय परिवार के बड़े-बुजुर्ग ही मददगार साबित होते हैं। सर्वे में हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई और जैन धर्म के संयुक्त परिवार शामिल थे। इसमें तीन पीढ़ियों के संयुक्त परिवार में रह रहे 86% और 2 पीढ़ी के साथ रहने वाले 14% परिवार शामिल किए गए। सर्वे में बातचीत के लिए 40 साल से अधिक उम्र के लोगों को ही जवाब के लिए चुना गया था।

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False recognition of daughter-in-law responsible for joint family breakdown, 75% of daughters-in-law admitted that family love does not decrease due to quarrel


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प्रकाश राज (Prakash Raj) बॉलीवुड और साउथ दोनों ही जगह एक बड़ा नाम हैं, और फिल्मों में...

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रांची से पास ही एक ऐसी जगह है, जहां आप खूबसूरत पहाड़ों के बीच हसीन वादियों का आनंद ले सकते हैं। पहाड़ों की खूबसूरती के लिए उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर की तरह झारखंड भले ही प्रसिद्ध न हो, लेकिन यह किसी से कम भी नहीं है। 

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